अलग!,एक विचार, परीचित अभिव्यक्ति,कविता,160 से अधिक collection.

 

अलग!

अलग!,एक विचार, परीचित अभिव्यक्ति


अलग!
ये शब्द ही अलग है।
भला किससे अलग?
घर और शहर बदल सकते हैं।
देश और जहाँ भी बदल सकते हैं।
लेकिन, घुला था कभी रगों में,
प्यार तो प्यार था,
अलग होकर जीत कैसी?
साथ रहकर हार कैसी?
प्यार में नहीं, नफ़रत में सही।
रहेगा तो...कहीं ?
कभी दिल मे, कभी दिमाग मे।
पर, अलग नही।



                 ✍️Shikha Bhardwaj❣️



   



Shikha Bhardwaj

Hi, I'm Shikha. I help English learners improve vocabulary, grammar, speaking confidence, and communication skills through practical lessons and real-life examples.

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